Sunday, October 23, 2011

Teri judai main

Wo wha dur hamari moujudgi ka ahsas kr rhi hia .
Aur Wo ye nhi janti ki hum yaha uski yad main aanshu bha rhe hai ..

This is very trueline bye ashish shivhare

उसका बचपना नहीं जाता...

उसका बचपना नहीं जाता
उस से रहा ही नहीं जाता
वो जिद से उलझी - सुलझी रहती है
वो बिना बात मचलती है
मेरे उसके इस रिश्ते के लिए
उसका यूंही बच्चा बना रहना ही ठीक है शायद
“क्योंकि बड़ों के बीच रिश्ते अकसर, बहुत छोटे होते हैं..”